अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्लोर क्या है?

क्लोर एक प्लेटफ़ॉर्म है जो GPU लीज़िंग के लिए एक मार्केटप्लेस प्रदान करता है, जिससे उपयोगकर्ता AI विकास और क्रिप्टोकरेंसी माइनिंग जैसे कार्यों के लिए कंप्यूटिंग पावर किराये पर ले सकते हैं।

क्लोर कैसे काम करता है?

क्लोर GPU मालिकों को पियर-टू-पियर मार्केटप्लेस के माध्यम से कंप्यूटिंग पावर की आवश्यकता रखने वालों से जोड़ता है। लेनदेन क्लोर कॉइन के साथ सुविधाजनक बनाए जाते हैं, जो सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करता है।

क्लोर कॉइन क्या है?

क्लोर कॉइन क्लोर प्लेटफ़ॉर्म की मूल क्रिप्टोकरेंसी है, जिसका उपयोग लेनदेन और उपयोगकर्ताओं को भागीदारी के लिए इनाम देने में किया जाता है।

प्रूफ ऑफ होल्डिंग क्या है?

प्रूफ ऑफ होल्डिंग (PoH) एक ऐसा सिस्टम है जहां उपयोगकर्ता अपने वॉलेट में क्लोर कॉइन्स रखकर इनाम कमाते हैं, जो दीर्घकालिक भागीदारी को प्रोत्साहित करता है।

क्लोर किस प्रकार के GPUs प्रदान करता है?

क्लोर AI, ML और 3D रेंडरिंग जैसे कार्यों के लिए उपयुक्त उच्च-प्रदर्शन मॉडल सहित GPUs की विस्तृत श्रृंखला प्रदान करता है। प्लेटफ़ॉर्म विभिन्न GPU मॉडलों और कॉन्फ़िगरेशन का समर्थन करता है ताकि विविध कंप्यूटिंग आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके।

क्लोर कौन से भुगतान विधियों को स्वीकार करता है?

उपयोगकर्ता GPU किराये के लिए क्लोर कॉइन (CLORE) या बिटकॉइन (BTC) का उपयोग करके भुगतान कर सकते हैं, जिससे अलग-अलग भुगतान प्राथमिकताओं के लिए लचीलापन मिलता है।

GPU लीज़िंग की न्यूनतम और अधिकतम अवधि क्या है?

क्लोर GPU लीज़िंग के लिए केवल एक घंटे जैसी छोटी अवधि की अनुमति देता है, जबकि अधिकतम अवधि 720 घंटे है, जिससे अल्पकालिक परियोजनाओं और दीर्घकालिक आवश्यकताओं दोनों के लिए लचीलापन मिलता है।

ऑन-डिमांड लीज़िंग क्या है?

ऑन-डिमांड लीज़िंग क्लोर.ai पर एक GPU किराये का विकल्प है जो उपयोगकर्ताओं को निर्दिष्ट अवधि के लिए सुनिश्चित प्रदर्शन के साथ GPU किराये पर लेने की अनुमति देता है। इस प्रकार की लीज़िंग पर 10% शुल््क लगता है, जिसे क्लोर कॉइन्स होल्ड करके प्रूफ ऑफ होल्डिंग (PoH) सिस्टम में भाग लेने पर 5% तक कम किया जा सकता है। ऑन-डिमांड लीज़ें नॉन-इंटररप्टिबल होती हैं, अर्थात् एक बार जब आप किराया सुरक्षित कर लेते हैं तो कोई अन्य उपयोगकर्ता आपकी पेशकश को आउटबिड नहीं कर सकता। यह विकल्प उन कार्यों के लिए आदर्श है जिन्हें निरंतर और बिना बाधा के कंप्यूटिंग पावर की आवश्यकता होती है, जैसे AI विकास, मशीन लर्निंग प्रशिक्षण, या बड़े प्रोजेक्ट्स का रेंडरिंग।

स्पॉट लीज़िंग क्या है?

स्पॉट लीज़िंग क्लोर.ai पर एक GPU किराये का विकल्प है जो उपयोगकर्ताओं को कम लागत पर GPU किराये पर लेने की क्षमता प्रदान करता है, जिस पर 2.5% शुल््क लगता है, जिसे प्रूफ ऑफ होल्डिंग (PoH) सिस्टम के माध्यम से 1.8% तक कम किया जा सकता है। ऑन-डिमांड लीज़िंग के विपरीत, स्पॉट लीज़िंग इंटररप्टिबल होती है, जिसका अर्थ है कि कोई अन्य उपयोगकर्ता आपकी पेशकश को आउटबिड कर सकता है और किराये को संभाल सकता है। यह विकल्प उन कार्यों के लिए उपयुक्त है जहां निरंतर अपटाइम महत्वपूर्ण नहीं है, जैसे क्रिप्टोकरेंसी माइनिंग या ऐसे वर्कलोड जो बाधाओं को सहन कर सकते हैं। स्पॉट लीज़िंग उन उपयोगकर्ताओं के लिए अधिक लचीलापन और लागत बचत प्रदान करती है जो पहुंच में संभावित परिवर्तन को संभाल सकते हैं।

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